Monday, January 30, 2023
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प्रेमचंद की लोकप्रिय कहानियां

1- लाग-डाट2- रामलीला3- कजाक4- गरीब कΪ हाय5- परीक्षा6- क्रिकेट मैच7- पंच-परमेश्वर 8- धोखा9- भाड़ेका टट्टू10- जुगनूक की चमक11- सुजान भगत12- ईदगाह13- बेटों वाली विधवा Read Online

गोदान – पुस्तक-समीक्षा

लेखक  - मुंशी प्रेमचंद  मुंशी प्रेमचंद का मूल नाम धनपतराय था। उनका जनम ३१ जुलाई, १८८0  में बनारस के लमही गाँव में हुआ। उनकी साहित्य-रचना में कुल ३२० कहानियाँ और...

गोदान(Godan) – भाग 6

जेठ की उदास और गर्म सन्ध्या सेमरी की सड़कों और गलियों में पानी के छिड़काव से शीतल और प्रसन्न हो रही थी। मंडप के...

गोदान(Godan) – भाग 5

उधर गोबर खाना खाकर अहिराने में पहुँचा। आज झुनिया से उसकी बहुत-सी बातें हुई थीं। जब वह गाय लेकर चला था, तो झुनिया आधे...

गोदान(Godan) – भाग 4

होरी को रात भर नींद नहीं आयी। नीम के पेड़-तले अपनी बाँस की खाट पर पड़ा बार-बार तारों की ओर देखता था। गाय के...

गोदान(Godan) – भाग 3

होरी अपने गाँव के समीप पहुँचा, तो देखा, अभी तक गोबर खेत में ऊख गोड़ रहा है और दोनों लड़कियाँ भी उसके साथ काम...

गोदान(Godan) – भाग 2

सेमरी और बेलारी दोनों अवध-प्रान्त के गाँव हैं। ज़िले का नाम बताने की कोई ज़रूरत नहीं। होरी बेलारी में रहता है, राय साहब अमरपाल...

गोदान(Godan) – भाग 1

होरीराम ने दोनों बैलों को सानी-पानी देकर अपनी स्त्री धनिया से कहा -- गोबर को ऊख गोड़ने भेज देना। मैं न जाने कब लौटूँ।...

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गोदान – पुस्तक-समीक्षा

लेखक  - मुंशी प्रेमचंद  मुंशी प्रेमचंद का मूल नाम धनपतराय था। उनका जनम ३१ जुलाई, १८८0  में बनारस के लमही गाँव में हुआ। उनकी साहित्य-रचना में कुल ३२० कहानियाँ और...

गोदान(Godan) – भाग 6

जेठ की उदास और गर्म सन्ध्या सेमरी की सड़कों और गलियों में पानी के छिड़काव से शीतल और प्रसन्न हो रही थी। मंडप के...

गोदान(Godan) – भाग 5

उधर गोबर खाना खाकर अहिराने में पहुँचा। आज झुनिया से उसकी बहुत-सी बातें हुई थीं। जब वह गाय लेकर चला था, तो झुनिया आधे...

गोदान(Godan) – भाग 4

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गोदान(Godan) – भाग 3

होरी अपने गाँव के समीप पहुँचा, तो देखा, अभी तक गोबर खेत में ऊख गोड़ रहा है और दोनों लड़कियाँ भी उसके साथ काम...

नौकरी छोड़ मशरूम की खेती से बनी “मशरुम लेडी”

मंजिलें उन्ही को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है,पंखो से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। देहरादून की बेटी युवा उद्यमी दिव्या...

मात्र 5 हजार में शुरू किया था बिजनेस, आज करोड़ों में...

कहते हैं ना - लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ~ सोहन लाल द्विवेदी (Sohan Lal...

Think and Grow Rich – Napoleon Hill

Publisher's Preface THIS book conveys the experience of more than 500 men of great wealth, who began at scratch, with nothing to give in return...